
स्वर्गीय आवाज आज ऐंशी वर्षाचा झाला.
साऱ्या दुनीयेतील गाणी एक तरफ और दुसरी तरफ "सी. रामचंद्र यांचे झांझर मधे लता नी रुलवलेले
"जी चाहता है दुनीया अब तो से रुठ जाये ओठो पे आ रही है अब मौत की दुवाये
ओ बेवफा जमाने दिल तो लगाके देखा सब कुछ लुटाके देखा
अपना समज के उनको अपना बनाके देखा दिल मे बसा के देखा
लेकीन मिली वफा के बदले जफाये ओठो पे आ रही है अब मौत की दुवाये
चलते ना तीर बनके दिल ना अगर लगाते धोके मे आ न जाते
ये दिन न देखते हम आसु नही बहाते दो दिन तो मुस्कुराते
घिर घिर के युं ना आती अश्कोभरी जफाये !
मग ऐकु लागलो
दिल मेरा तोडा- मजबुर
सावरी सुरत मन भाई रे पीया तोरी
बांधी प्रित फुलवर मन लेके चीत चोर दुर जाना ना
हमारे बाद अब - बागी
हाय दिल तोड दिया - मीना बाजार
आंसू अब तु न बहाना- काबीला
न जा न जा बलम- परदेशी
बाजुबंद खुल खुल जाये
मांगने से जो मौत मिलती
सुबह काइंतजार कौन करे
मै तुम्हीसे ये पुछती हुं - बॅक कॅट
सो गयी चंदनी - आकाश
भुल सके ना हम और तुम तो जाके भुल गये- तमाशा
हाय चंदा गये परदेश - चकोरी
किसी नजर का मस्त ईशा रा है जींदगी -रागरंग
बेदर्द जमाने से- रिस्ता
दुखियारे नैना - निर्मोही
दिले नाशाद को जीने की - नादान
मेरे द्वार खुले है - अनमोल रतन
सपना बन साजन आये - शोखीयां
आंखो मे चीतचोर- मेहमान
तुझे ओ बेवफा - जिद्दी
खुशी दिलसे गयी - शीशा
तुझे आवाज देती है - हार जीत +
एक ठेस लगी
अब कौन सहार है
सून तो लो मेर अफसाना
दिले करार सो जा
उजडी रे मेरे प्यार की दुनीया
घडीया गिनी है मैने
अब कौन सहारा है जब तेरा सहारा छुट गया
प्यार की ये तल्खीया
दिल ही तो है तडप गया
अपना पता बाता दो
कहा तक हम उत्ठाये ये गम
कटती है अब तो जींदगी
आज मेरे नसीब ने मुजको रुला रुला दिया
मेरे लिये वो गमे इंतजार छोड गये
अब गम को बना लेंगे जीने का सहारा
हा असा सिलसीला सारा दिवस सुरु रहाणार आहे
आज मी लतामय झालेलो आहे
लता गाती है बाकी रोते है !!